सेफ़ एंड सिक्योर ऑनलाइन शोपिंग--कैसे करें

आज कल की भागती दौड़ती लाइफ में हम सभी चाहते है की हमारा कुछ काम इन्टरनेट के जरिये भी हो जाये जैसे की मूवी टिकट लेना ,रेलवे रिजर्वेसन करवाना ,कुछ बिल जमा करवाना इत्यादि पर क्या आपने कभी सोचा है की,

identity-theft

कुछ लोग आपकी इस सुविधा को आपके लिए असुविधा बना रहें हैं , आपके खाते को हैक कर के , इसलिए मैंने सोचा की क्यों न एक पोस्ट सिक्योर शोपिंग पर लिखी जाय. एक स्वतंत्र सर्वे के अनुसार डिजिटल वर्ल्ड में हर दिन 480 आइडेन्टिटी हैक कर लि जाती है तो इसका मतलब हुआ

हर  तीन मिनट में एक ID हैक हो जाती है .

तो देखते है की सेफ और सिक्योर ऑनलाइन शोपिंग कैसे की जाती है

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इसके लिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना पड़ेगा :-

( 1 ) पहली है :-

ऑनलाइन शोपिंग करने के पहले जिस वेब साईट से आपको लेन-देन करना है उसकी थोड़ी जाँच पड़ताल कर लें और यह जानने की कोशिश करें की  ,

जिस वेब साईट से आपको लेन-देन करना है वह ऑनलाइन शोपिंग के लिहाज से सुरक्षित है या नहीं , यह जानने के लिए आप को वेब साईट में कुछ खास चीजो को ध्यान से देखना होगा -- जैसे की अगर वह वेब-साईट आप

Firefox  images    या    IE internetexplorerlogo  में खोलते हैं

तो ब्राउजर के एड्रेस बार का हरा हो जाना,यह एक संकेत है की वह वेब साईट सुरक्षित है,

और इस हरेपन का मतलब है की वह वेब साईट " EV " सपोर्ट

करती  है यानि की Extended Validation.

इस वेब -साईट को आप बिना डर के उपयोग कर सकते है यह साईट आपके डेटा  को   'इन्क्रिपटेड फॉर्म' में उपयोग करती है .इन सबके अलावा आप अगर पहली बार ऑनलाइन शोपिंग कर रहे हैं तो

( 2 ) दूसरी है :-

सैलर से एक बार बात कर लें,

ज्यादातर जानी मानी ई -शोपिंग वेब साइटों के अपने टोल-फ्री नंबर होतें है और अगर नहीं है तो आप उन्हें ई-मेल के जरिये भी कांटेक्ट कर सकते है

पर बिना जाँच पड़ताल के ई -- शोपिंग मत कीजिये .

( 3 ) तीसरी है :-

बात यह देखने की है की कभी भी कोई भी साईट आप का आपका बैंक खाता नंबर ( A/c No.) नहीं मांगती है

और अगर कोई साईट ऐसा करती है तो आप सावधानी बरतें और उक्त जानकारी नहीं दें .

( एक महत्वपूर्ण बात )

जो ऑनलाइन शोपिंग करते वक्त आप हमेशा की लिए गांठ में बांध लीजिये की उसी वेब साईट से शोपिंग करनी है जिसका URL Address -- https:// से शुरु होता हो ,

यहाँ ' http ' के बाद लगा " S " से मतलब सिक्योर होता है .यह आप को चेक कर लेना चाहिए की आप " https:// " साईट पर हैं या नहीं

और अगर आप नहीं है और फिर भी आप से डेटा माँगा जा रहा है तो आप को एक बार यह देख लेना चाहिए की ' https:// ' साईट कहाँ है .

( 4 ) चौथी है :-

क्यों की इन्टरनेट पर आप को लूटने की लिए कई लोग तैयार बैठे रहते है ,

और अगर कभी आपके मेल बॉक्स पर अनजान Mail-ID से कोई आप को सस्ते एयर टिकट ,भारी डिस्काउंट पर विदेश यात्रा , या कम खर्चे में फाइव-स्टार में बुकिंग का ऑफर आये तो, इन्हें फुर्सत मिलते ही डिलीट कर दें , क्यों की इस तरह की

99% मेल ' Spam-mail '  होती है जो ' वाइरस'  की वाहक होती है , ऐसी मेल के जरिये कंप्यूटर हैकर का मकसद आप की पर्सनल और फाईनेंशियल जानकारी को चुराना होता है,

ऐसी मेल का रिप्लाई करके न सिर्फ आपके क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल होगा ,बल्कि जो आपने ऑनलाइन शोपिंग करी है वो सामान भी कभी आप तक नहीं पहुँचेगा .

( 5 ) पाँचवी है :-

की कुछ भी ऑनलाइन आर्डर करने के

पहले सभी टर्म एंड कंडीसन ध्यान से पढ़ लें.और उस वेब साईट की रिफंड और रिटर्न पॉलिसी कैसी है ,यह भी जान लें किसी भी अच्छी ई -शोपिंग वेब साईट की उक्त पालिसी कंज्यूमर फ्रेंडली होती है और पैसा रिफंड होने की प्रक्रिया में ज्यादा झंझट नहीं होते है

( 6 ) छठी है :-

इसी तरह से ऑनलाइन शोपिंग करने के बाद आप अपने क्रेडिट कार्ड इस्टेटमेंट’ पर नजर रखें और उन्हें सम्हाल कर रखें.

क्यों की अब आप जानतें है की डिजिटल वर्ल्ड में हर तीन मिनट में एक  ID चुरा ली जाती है तो अब बात आती है की अपने पासवर्ड को सुरक्षित कैसे बनाया जाये, तो उपाय तो कई हैं

( 7 ) सांतवी है :-

पर सबसे अच्छा उपाय  है

'second-factor authentication '

यानि की आपके " user name " और "password" के अलावा एक ऐसा password , एक ऐसा तीसरा "password" जिसे कोई भी आसानी से चुरा ना सके ,

RBI ने ऑनलाइन ट्रांजेक्सन को सेफ बनाने के लिए अपनी नयी गाइड लाइन में कहा है की ' 1- Aug -2009  '  से  " 5000  " Rs: से  ऊपर के किसी भी ट्रांजेक्सन के लिए "user name " और  "password" के अलावा एक ' second-factor authentication '  करना जरुरी हो जायेगा ,

सामान्यतया हम अपने यूजर नेम और पासवर्ड एक जैसा ही रखतें है जो की सही नहीं है पर यदि आप चाहें तो इसी में आप एक   second-factor authentication  भी

Introduce कर सकते हैं  जो इसे सुरक्षित बना देगा .

और फिर जहाँ पर आपने अपना यूजर नेम और पासवर्ड डाला तो एक और विंडो खुलेगी और वहां पर आप को एक और पासवर्ड डालना पड़ेगा जो की एक डायनामिक पासवर्ड होगा और वो 

सिर्फ 30 सेकेंड के लिए वेलिड होगा, वो पासवर्ड आप किसी भी डिवाइस से या आपने मोबाइल फोन द्वारा प्राप्त कर सकते हैं , इसके लिए आप को

इस वेब साईट पर जाना होगा vipmobile.verisign.com और एप्लिकेसन डाऊनलोड करनी है और इसके बाद आप आपने मोबाईल से ही अपना ‘second-factor authentication’ पा सकेंगें फ़िलहाल यह सर्विस आप को अपना मोबाईल हेंडसेट जान कर ही लेनी चाहिए जो की इसी वेब साईट पर उपलब्ध है वैसे बाद में शायद यह एप्लिकेसन हो सकता है सिम कार्डके साथ ही आये .

इसके साथ ही आप अपना पासवर्ड किसी के साथ शेयर ना करें

( 8 ) आंठ्वीं है :-

की कभी भी ब्राउजिंग करते वक्त सेव माय पासवर्ड का ओप्सन सलेक्ट ना किया करें

इन्ही छोटी छोटी बातों का ख्याल रख कर आप अपनी ऑनलाइन शोपिंग को सेफ एंड सिक्योर बना सकतें है. और पा सकतें है सेफ ऑनलाइन ट्रांजेक्सन.

और अगर आप सेफ ऑनलाइन ट्रांजेक्सन करना सीखना चाहें और वो भी मजे के साथ तो यह गेम आप के लिए ही है --जो आप को सिखाता है की आप आपने ऑनलाइन ट्रांजेक्सन को कैसे सेफ और सिक्योर बना सकतें है .

(सभी तस्वीरें गूगल द्वारा ली गयी है , आपत्ति पर हटा ली जाएगी  )

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