गूगल ने शुरू की दो नई सेवाएँ
गूगल खोज बनी "रीयल टाइम"
गूगल पहले से ही नम्बर एक सर्च इंजिन है और इसकी एक वजह यह भी है कि इस सर्च इंजिन ने समय के साथ चलते हुए खुद को लगातार अपडेट किया है.
जहाँ पहले सर्च इंजिन महिने में एक बार किसी साइट पर क्राउल किया करते थे, वहीं अब हर कुछ मिनट के बाद क्राउलिंग की जाती है.
लेकिन गूगल अब "रीयल टाइम" सर्च सुविधा जोड़ने जा रहा है. रीयल टाइम सर्च सुविधा यानी -
जैसे ही कोई सामग्री वेब पर प्रकाशित हुई वैसे ही वह आपको गूगल खोज में दिखाई दे जाएगी.
उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने "कोपेनहैगन सम्मेलन" सर्च किया तो रीयल टाइम खोज देखने पर ट्विटर, फेसबुक तथा अन्य संजालों पर लगातार प्रकाशित हो रही सामग्री गूगल पर दिखाई देने लगेगी. प्रयोक्ता चाहें तो इन अपडेट को "पाउज़" भी कर पाएंगे.
पूरी खबर यहाँ देखें
गूगल पहले से ही नम्बर एक सर्च इंजिन है और इसकी एक वजह यह भी है कि इस सर्च इंजिन ने समय के साथ चलते हुए खुद को लगातार अपडेट किया है.
जहाँ पहले सर्च इंजिन महिने में एक बार किसी साइट पर क्राउल किया करते थे, वहीं अब हर कुछ मिनट के बाद क्राउलिंग की जाती है.
लेकिन गूगल अब "रीयल टाइम" सर्च सुविधा जोड़ने जा रहा है. रीयल टाइम सर्च सुविधा यानी -
जैसे ही कोई सामग्री वेब पर प्रकाशित हुई वैसे ही वह आपको गूगल खोज में दिखाई दे जाएगी.
उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने "कोपेनहैगन सम्मेलन" सर्च किया तो रीयल टाइम खोज देखने पर ट्विटर, फेसबुक तथा अन्य संजालों पर लगातार प्रकाशित हो रही सामग्री गूगल पर दिखाई देने लगेगी. प्रयोक्ता चाहें तो इन अपडेट को "पाउज़" भी कर पाएंगे.
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